●आवाज का लहजा बता देता है...
रिश्तो में गहराईयों कि हद क्या होती है..

Instagram love captions for Boys In Hindi 



●मेरी मौत बेरहमी से होगी,
मरता जो हूँ इक बेरहम पर......

●मुझे क़तई नहीं भाता वो शख्स
जो मेरे सिगरेट पर ऐतराज़ करता है।

●सलीका तुमने परदे का बड़ा अनमोल रखा है..
यही निगाहें कातिल हैं और इन्ही को खोल रखा है..

●"तरस जाते हैं उसकी आवाज के लिए,
सिलसिले बातों के जहां थमते नहीं थे,,

Instagram Pyar captions for Boys  



●आदत सी हो चली है, तेरी बेरुखी की अब तो
तू मोहब्बत से पेश आये तो, अजीब लगता है....!!!


●वो वक़्त ही बीत गये जब इश्क़ हुआ करता था...
आज के वक़्त मे तो इश्क़ बस हैं सज़ा.....

●हम मेहमान नहीं, रौनक-ए-जिन्दगी हैं
बरसों याद रखोगे दोस्त कि जिन्दगी में कोई आया था...!!

●संवरने से औरों की बढ़ती होगी खूबसूरती..!!
तेरी चाहत से मेरा चेहरा यू ही निखर जाता है....!!!!

●मेरी रूह भी मेरे दर्ज को देख कर रोने लगी
बोली अब तेरे जिस्म में रहने की कोई जगह नहीं बची...!!

●कैसे छोड़ दें तुम्हें मौहब्बत करना, किस्मत में ना  सही ,,
दिल में तो बस तुम ही तुम हो ,

Instagram Romantic captions for Boys



●चलो मन में अकेले टहलने निकलते है,
फ़ोन रख दो बस हम दोनों ख्यालों में मिलते है।

●उसे कहना तेरी याद बहुत आती है
ये भी कहना कोई और नही है मेरा।

●मेरी तन्हाइयां करती हैं जिन्हें याद सदा,
उन को भी मेरी ज़रुरत हो ज़रूरी तो नहीं!

●एक धागे मे है उलझे यूँ की बुनते बुनते खुल गया,
हम थे लिखे दिवार पे बारिश हुई और धुल गया,

●बडे दिनों से अकेला बैठा हूँ..
खुद से पूछ रहा हूँ...मैं कैसा हूँ...

●जनाब मोहब्बत का तरीका भी खुशनुमा है .....
गला दबाकर कहतीं है हमे बाहों में भर लो.....

●जिन्दगी आँख से टपका हुआ बेरंग कतरा
तेरे दामन की पनाह पाता तो आंसु होता.

Instagram shayari captions for Boys 


●कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी

●बदल जाओगे तुम ग़म सुन के मेरे
कभी दिल ग़म से घबराए तो कहना.


●लोगों की ज़िद हैं,हम पर बिजलियाँ गिराने की,
तो हमारी भी ज़िद है वहीं पर मंज़िलें बनाने की

●मेरी मंज़िल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है
गुमान नहीं मुझे इरादों पे अपने
ये मेरी सोच अौर हौंसलों का भी विश्वास है।

●मैं पतझड़ का मौसम हूँ, तुम हो वसंत बहार
मैं अमावस्या की रात हूँ, तुम पूर्णिमा की चाँद


●तेरी गली का सफर आज भी याद है मुझे
मैं कोई वैज्ञानिक नहीं था पर मेरी खोज लाजवाब थी ।

●इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ब की है
एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन

●आँसू बहुत निकले मेरे तुम्हारी यादों में
सूख गया सावन तन्हा रातों में


●इश्क ज़िस्मानी खेल बन के रह गया,
पनघट किनारे इंतजार करने के ज़माने चले गये.

●बारिश से ज़्यादा तासीर है यादों में...
हम अक्सर बन्द कमरों में भीग जाते हैं..!




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