भारत के ही नही बल्कि दुनिया के महान अभिनेता में से एक इरफान खान का 29 अप्रैल 2020 को निधन हो गया,
 वह कैंसर की बीमारी से लड़ रहे थे। उनके द्रारा की गई मूवी हमेशा याद रहेगी,इसी लिए हम आप के लिये इरफान खान की 10 शानदार मूवी की लिस्ट (List of Best 10 Movies of Irfan Khan) लाये है।
 जो आप की यादो को ताज कर देगी।   वह एक महान कलाकार थे।


इरफान खान की 10 शानदार मूवी की लिस्ट 2020, (List of Best 10 Movie of Irfan khan)
irfan & Rishi Kapoor
(credit : social media)

>इरफान खान की 10 शानदार मूवी की लिस्ट
 (List of Best 10 Movie of Irfan khan)

इरफान खान की 10 शानदार मूवी की लिस्ट 2020 ,(List of Best 10 Movie of Irfan khan)
Irfan Khan

1.लाइफ ऑफ पाई  (2012)

2.पिकू(2015)

3.पान सिंह तोमर
4.दि लंचबॉक्स (2013)
5.मदारी (2016)
6.हिंदी मीडियम(2019)
7.ब्लैकमेल (2018)
8.अंग्रेजी मीडियम(2020)
9.मकबूल(2013)
10.सलाम बॉम्बे (1988)

इरफान खान की 10 शानदार मूवी की लिस्ट 2020, (List of Best 10 Movie of Irfan khan)
Irfan Khan
(credit : fan)

1.लाइफ ऑफ पाई(Life of Pi) 2012

IMDb Rating - 8.2/10

लाइफ ऑफ पाई(Life of Pi) को इरफान खान की सबसे सफल फिल्मों में से एक माना जाता है हालांकि इमरान खान केवल कुछ दृश्यों में ही दिखाई देते हैं।मूलतः यह एक अंग्रेजी भाषी फ़िल्म है पर यह हिंदी में भी उपलब्ध है।
एक बच्चे के बचपन से लेकर किशोरावस्था तक का जीवन , जिसके साथ-साथ परिवार से बिछड़ाव और मुख्यतः इंसान और पशुओं के परस्पर संबंध एवं मिल कर चुनौतियों से जूझते हुए जिंदा रहने की कोशिश बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाई गयी है।

2. पीकू (2015)

निर्देशक -शूजित सिरकार
अवॉर्ड -बिग स्टार मोस्ट एंटरटेनिंग फिल्म एक्टर - फीमेल

पीकू आम बुजुर्ग से जुड़ी हुई पारिवारिक कहानी है। पीकू "दीपिका" एक कामकाजी युवती है जो अपने पिता "अमिताभ" के साथ रहती है। इमरान खान एक टैक्सी कंपनी के मालिक हैं जो किसी कारण खुद एक ट्रिप पर उनके ड्राइवर बनते हैं। दीपिका, अमिताभ और इरफान के शानदार अभिनय से सजी कहानी, बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं और रिश्तों के मायनों को खोजती पीकू देखने लायक फ़िल्म है।

3. पान सिंह तोमर( 2012)

निर्देशक -तिग्मांशु धूलिया
अवॉर्ड -राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फ़ीचर फ़िल्म
IMDb Rating - 8.2/10

पान सिंह तोमर एक बायोपिक है जो इसी नाम के डाकू के ऊपर फिल्माई गयी है। तिग्मांशु धूलिया (रामाधीर सिंह गैंग्स ऑफ वासेपुर वाले) द्वारा निर्देशित और इरफान खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और आशुतोष राणा जैसे सितारों से सजी यह फ़िल्म एक डकैत के उदय, सिस्टम की कमियों और देहाती जीवन को समेटे हुए देखे जानी वाली फ़िल्म है।

4. दि लंचबॉक्स (2013)

निर्देशक -रितेश बत्रा
अवॉर्ड -फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता

इरफान की एक और बेहतरीन फ़िल्म जो टूटते रिश्तों और समाज की हकीकत से रूबरू कराती है। एक लंचबॉक्स की अदला बदली एक नए रिश्ते को जन्म देती है जो केवल लंचबॉक्स में छोड़ी गयी चिट्ठियों से ही एक शादीशुदा पर उपेक्षित लड़की और एक अधेड़ कामकाजी पुरुष से आगे बढ़ता है।

5. मदारी(2016)

मदारी को केवल इरफान की बेहतरीन एक्टिंग के लिए ही देखा जाना चाहिए। एक लड़के का बाप जो सिस्टम की गलती से उसे खो देता है, एक दूसरे लड़के का अपहरण कर समाज को एक संदेश देना चाहता है जिससे अंत तक खुद उस लड़के और दर्शक दोनों को ही प्यार हो जाता है।

6. ब्लैकमेल

ब्लैकमेल इरफान की एक सस्पेंस फ़िल्म है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। एक पति जिसकी बीवी का विवाहेतर संबंध है। जब पति यह जान जाता है तो बजाय उसे बताने के, अपनी बीवी को ही ब्लैकमेल करने लगता है। मुख्य रूप से पति, पत्नी और वो के इर्द गिर्द घूमती यह फ़िल्म सच में इरफान का एक मास्टरपीस है।

7.हिंदी मीडियम (2019)

एक पति, उसकी पत्नी और बेटी के इर्द गिर्द घूमती यह फ़िल्म इरफान की आखिरी सालों की कुछ फिल्मों में से एक है।सरकारी स्कूल से पढ़े, चांदनी चौक के एक व्यवसायी और उसकी बीवी अपनी बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। अंग्रेजी न आना जब उनकी बेटी के विकास में बाधक होता है तो वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाते हैं।

8.अंग्रेजी मीडियम (2019)

अंग्रेजी मीडियम इरफान की आखिरी फ़िल्म है। चम्पक बंसल " इरफान" की दुनिया अपनी बेटी के आस पास सिमटी हुई है जिसका सपना है लंदन जाने का। बेटी अपने सपने को पूरा करने के लिए कॉलेज टॉप करना चाहती है और बाप अपने भाइयों के साथ दुकान के झगड़े सुलझाते हुए किस तरह अपनी बेटी के सपनों के लिए जी तोड़ कोशिश करता है, वह देखने योग्य है।

9.मकबूल(2013)

यह अंडरवर्ल्ड के ऊपर बनी एक शानदार फ़िल्म है जिसमें एक गुर्गे को अपने बॉस की प्रेमिका से प्यार हो जाता है। प्रेमिका उसे वर्तमान बॉस को मारने और अगला बॉस बनने के लिए उकसाती है।

10. सलाम बॉम्बे (1988)

कहानी एक लड़के के अपने भाई की मोटरसाइकिल तोड़ने से शुरू होती है जिसकी मां उसे मरम्मत के लिए 500 रुपए कमाने को कहती है। परिस्थितियों के कारण अन्ततः वह खुद को झुग्गियों में पाता है।

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